भारतीय सेना के जवानॉ की शहादत पर पीएम मोदी और ग्रह मंत्री अमित शाह चुप क्यों …प्रीतम सिंह

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देहरादून
उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने गलवां घाटी में भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक झडप में मारे गये भारतीय सेना के 20 जवानों के निधन पर दुःख प्रकट करते हुए उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

प्रीतम सिंह ने अपनी शोक संवेदना में भारत-चीन सीमा पर हुई हिंसक घटना का सामना करने वाले सेना के जवानों के साहस और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी देश की रक्षा के लिए षहीद हुए वीर सपूतों की षहादत को नमन करती है तथा देश की सीमाओं की सुरक्षा के लिए सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खडी है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  सिंह ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर लम्बे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई थी परन्तु भारत सरकार पड़ोसी देश की चाल समझने मंे पूरी तरह नाकाम रही जिसकी कीमत हमें 20 सैनिकों की शहादत से चुकानी पड़ी। प्रदेष कंाग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि 16 जून की रात चीन सीमा पर भारतीय सेना पर हमला इनकी विदेष नीति की अपरिपक्वता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भारतीय सेना द्वारा देष की सीमाओं की रक्षा के लिए उठाये जाने वाले हर कदम का समर्थन करेगी। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को देश की जनता के सामने आकर जनता को भारत-चीन सीमा पर घटी इस घटना की हकीकत बतानी चाहिए।
प्रीतम सिंह ने कहा कि सर्वविदित है कि पड़ोसी देश चीन द्वारा लगातार सीमा पर लम्बे समय से तनाव का माहौल बनाया जा रहा है जिसे भांपने में भारत सरकार नाकाम रही है। चीनी सैनिकों द्वारा लगातार भारतीय सीमा में घुसने तथा भारतीय सैनिकों को उकसाकर सीमा पर तनावपूर्ण माहौल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज केन्द्र की मोदी सरकार सीमाओं की रक्षा करने तथा आम नागरिकों को सुरक्षा और उनके सम्मान की रक्षा करने में पूर्णतः विफल साबित हो रही है। देश की सीमा पर ऐसी घटनायें देश की सीमाओं की सुरक्षा पर भी प्रश्न चिन्ह हैं। लेह का गलवां घाटी क्षेत्र देष का सीमावर्ती क्षेत्र है जहां पर हुई घटना उत्तराखण्ड, हिमाचल प्रदेष, अरूणाचल प्रदेश जैसे सीमावर्ती राज्यों के लिए भी चिंता का विशय है परन्तु भारत-चीन सीमा पर घटी घटना पर प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने मौन ओड रखा है।

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