देहरादून
स्नो स्पोर्ट्स चैंपियन और राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीत चुके सेना के जवान हवलदार ठाकुर बहादुर आले फर्ज की वेदी पर शहीद हो गए हैं।
आले का पार्थिव शरीर बर्फीले तूफ़ान में फंसने के 9 महीने बाद कश्मीर घाटी की पर्वत चोटी से मिला है। 5/1 गोरखा रेजीमेंट के ठाकुर आले का अंतिम संस्कार आज टपकेश्वर श्मशान घाट पर किया गया। इस मौके पर उनके माता-पिता के साथ ही उनकी पत्नी व बच्चों द्वारा भी सेना के अफसरों और जवानो के साथ शहीद को ग़मगीन माहौल में श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
बताते चलें कि पिछले साल अक्टूबर 2023 में लद्दाख में माउंट कून पर एक पर्वतारोहण अभियान के दौरान रास्ता बनाते समय सेना के 4 अन्य जवानों के साथ हवलदार ठाकुर आले बर्फ के भीषण तूफ़ान में फंस गए थे। उनको मृत मान के बाक़ी जवानो के साथ उनकी भी खोज बंद कर दी गई थी।
7 जुलाई को हवलदार ठाकुर बहादुर आले मगर और अन्य सैनिकों के पार्थिव शरीर को HAWS के खोजी दल द्वारा बरामद किया गया जो कि बर्फ में दबे हुए थे।
बुधवार को उनकी पार्थिव देह को श्रीनगर से उनकी यूनिट देहरादून लाया गया जहां उनकी पलटन के अफसरों और जवानों ने उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजली देते हुए कहा गया कि भारतीय सेना अपने सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता में दृढ़ है। यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी साथी पीछे न छूटे और अपने बहादुर योद्धाओं के बलिदान का सम्मान करती है।
31 वर्षीय हवलदार ठाकुर आले नेपाल के नहू जिले से थे। उनकी पलटन देहरादून में होने के चलते उनके पार्थिव देह को यहीं लाया गया था। पूरे सैन्य सम्मान के साथ बुधवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पहले खेलो India Winter Games 2020 में Slalom और Giant Slalom में उन्होंने गोल्ड मेडल जीत कर तहलका मचा दिया था।
इंटरनेशनल स्नोबोर्ड चैंपियनशिप 2018 में वह ब्रोंज मेडल जीतने में सफल रहे थे। हवलदार ठाकुर बहादुर आले मगर के परिवार में उनकी पत्नी, 9 वर्षीय बेटी, 7 वर्षीय बेटा और बुजुर्ग माता-पिता हैं।

