UOU में वित्तीय प्रबंधन पर हुआ व्याख्यान,कार्यक्रम के बाद ईवी चार्जिंग स्टेशन का हुआ उद्घाटन

देहरादून

पूर्व उप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक निरंजन पंत ने वित्तीय जवाबदेही पर दिया विशेष व्याख्यान

हिमालय-केंद्रित अध्ययन की पहचान विकसित करने का सुझाव

हल्द्वानी। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय में वित्तीय प्रबंधन, जवाबदेही और संस्थागत कार्यप्रणाली को लेकर विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन केंद्र (सीआईक्यूए) की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भारत के पूर्व उप नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक निरंजन पंत ने वित्तीय व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से विचार साझा किए। कार्यक्रम के बाद विश्वविद्यालय परिसर में ईवी चार्जिंग स्टेशन का भी उद्घाटन किया गया। विशेष व्याख्यान में निरंजन पंत ने कहा कि वित्तीय प्रबंधन केवल लेखांकन और बजट तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें योजना एवं बजट निर्माण, व्यय और खरीद प्रक्रिया, परिसंपत्तियों का प्रबंधन, लेखा व्यवस्था, आंतरिक नियंत्रण, लेखा परीक्षा और संसाधनों का संकलन भी शामिल है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान का बजट उसकी प्राथमिकताओं और लक्ष्यों के अनुरूप होना चाहिए, ताकि उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने वित्तीय निर्णयों में वैधानिकता, औचित्य और सक्षम प्राधिकरण की स्वीकृति के महत्व पर जोर देते हुए कार्य निष्पादन आधारित और परिणामोन्मुख बजट व्यवस्था को अपनाने की आवश्यकता बताई। उनके अनुसार संस्थागत वित्तीय प्रबंधन को केवल खर्च की निगरानी तक सीमित रखने के बजाय उसे संस्थान के परिणामों और उपलब्धियों से जोड़ना जरूरी है।

मुक्त एवं दूरस्थ शिक्षा के संदर्भ में निरंजन पंत ने बदलते शैक्षणिक परिवेश में मुक्त विश्वविद्यालयों की भूमिका पर भी चर्चा की। उन्होंने उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय को हिमालयी विषयों और हिमालय-केंद्रित अध्ययन के क्षेत्र में विशिष्ट पहचान विकसित करने की दिशा में काम करने का सुझाव दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नवीन चन्द्र लोहानी ने व्याख्यान में सामने आए विचारों और सुझावों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इन बिंदुओं को संस्थागत स्तर पर समझने और लागू करने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने निरंजन पंत के अनुभव और मार्गदर्शन को विश्वविद्यालय के लिए उपयोगी बताया।

 

 

कार्यक्रम का उद्घाटन संबोधन अनुसंधान निदेशालय एवं सीआईक्यूए के प्रमुख प्रो. गिरिजा पाण्डे ने किया। उन्होंने कहा कि सीआईक्यूए विश्वविद्यालय में वित्तीय समझ, संस्थागत कार्यप्रणाली और शैक्षणिक प्रदर्शन में निरंतर सुधार के लिए विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को विश्वविद्यालय से जोड़ रहा है। कार्यक्रम में प्रो. मंजरी अग्रवाल, प्रो. गिरिजा पाण्डे, श्री खेमराज भट्ट सहित शिक्षक, गैर-शैक्षणिक कर्मचारी और लेखा अनुभाग से जुड़े अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। विशेष व्याख्यान के बाद विश्वविद्यालय परिसर में ईवी चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन किया गया। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय और ईज़ी चार्ज के सहयोग से स्थापित इस स्टेशन का उद्देश्य परिसर में विद्युत वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित करना और पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत परिवहन को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर ईज़ी चार्ज के प्रतिनिधि प्रशांत मौजूद रहे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ईवी चार्जिंग स्टेशन की स्थापना को हरित प्रौद्योगिकी, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत विकास की दिशा में एक पहल बताया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. मंजरी अग्रवाल ने किया, जबकि संयोजन प्रो. गगन सिंह ने किया।

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