अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा देने हेतु उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने किया विजिटिंग प्रोफेसर फेलोशिप कार्यक्रम, आयोजित,अंतरराष्ट्रीय संबंध निदेशालय की स्थापना – Latest News Today, Breaking News, Uttarakhand News in Hindi

अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा देने हेतु उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय ने किया विजिटिंग प्रोफेसर फेलोशिप कार्यक्रम, आयोजित,अंतरराष्ट्रीय संबंध निदेशालय की स्थापना

देहरादून/हल्द्वानी

अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग को नई दिशा, उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में विजिटिंग प्रोफेसर फेलोशिप कार्यक्रम आयोजित

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा वैश्विक शैक्षणिक सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अंतरराष्ट्रीय संबंध निदेशालय की स्थापना की गई है। इस निदेशालय का उद्देश्य विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों से जोड़ना है, जिससे संकाय विनिमय, संयुक्त शोध, शैक्षणिक कार्यक्रमों के विकास तथा ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिल सके।

इसी क्रम में विश्वविद्यालय द्वारा “अंतरराष्ट्रीय विजिटिंग प्रोफेसर फेलोशिप कार्यक्रम” प्रारम्भ किया गया है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिष्ठित विदेशी विद्वानों को आमंत्रित कर शैक्षणिक संवाद, शोध सहयोग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय एवं अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के मध्य सहयोगात्मक मंच तैयार करना है, विशेष रूप से ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL), वर्चुअल लर्निंग कंटेंट, लर्निंग एनालिटिक्स तथा गेम-आधारित अधिगम (GBL) जैसे उभरते क्षेत्रों में।

वर्तमान सत्र (मार्च 2026) में कोरिया नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (KNOU), दक्षिण कोरिया के प्रख्यात विद्वान प्रो. क्वांग सिक चुंग का चयन विजिटिंग प्रोफेसर के रूप में किया गया है। प्रो. चुंग कंप्यूटर विज्ञान एवं डिजिटल शिक्षण प्रणालियों के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ हैं। उनका शोध प्रस्ताव “वर्चुअल लर्निंग कंटेंट आधारित गेम-आधारित अधिगम प्लेटफॉर्म का डिजाइन” विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत प्रासंगिक है।

यह फेलोशिप कार्यक्रम 18 मार्च 2026 से 30 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न शैक्षणिक एवं संस्थागत गतिविधियाँ संपन्न हुईं—

18–19 मार्च: प्रोफेसर का आगमन एवं प्रारंभिक परिचयात्मक गतिविधियाँ, परिसर अवलोकन एवं प्रस्तुति तैयारी।

20 मार्च: माननीय कुलपति, निदेशकों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक; अनुसंधान एवं नवाचार प्रकोष्ठ के साथ विचार-विमर्श; संकाय सदस्यों हेतु संगोष्ठी का आयोजन।

20 मार्च (सायंकाल): प्रो. चुंग द्वारा वर्चुअल लर्निंग, लर्निंग एनालिटिक्स एवं गेम-आधारित अधिगम विषय पर विस्तृत प्रस्तुति; संकाय सदस्यों के साथ प्रश्नोत्तर एवं संवाद।

21 मार्च: अंतरराष्ट्रीय अतिथि के लिए सांस्कृतिक अनुभव के अंतर्गत कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण।

23 मार्च: विश्वविद्यालय के शैक्षणिक भवन, ईएमपीसी एवं कम्युनिटी रेडियो केंद्र का भ्रमण; रेडियो वार्ता एवं रिकॉर्डिंग सत्र का आयोजन, जिसमें आधुनिक शिक्षण प्रवृत्तियों पर विचार साझा किए गए।

23 मार्च: कक्ष संख्या 310 में संकाय सदस्यों के साथ शोध सहयोग पर विस्तृत चर्चा।

24 मार्च: माननीय कुलपति की उपस्थिति में वृक्षारोपण कार्यक्रम; विज्ञान संकाय एवं मीडिया प्रोडक्शन एवं डिस्ट्रीब्यूशन (MPDD) केंद्र का भ्रमण एवं तकनीकी संवाद।

25 मार्च: एमएम

परीक्षा अनुभाग, वित्त अनुभाग एवं क्षेत्रीय केंद्रों का भ्रमण तथा विभिन्न संकायों के साथ शैक्षणिक संवाद।

कार्यक्रम के दौरान आयोजित गतिविधियों से यह स्पष्ट हुआ है कि यह पहल विश्वविद्यालय के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शैक्षणिक संवाद को बढ़ावा मिला है, बल्कि संकाय सदस्यों में शोध सहयोग के प्रति उत्साह भी बढ़ा है। विशेष रूप से गेम-आधारित अधिगम एवं लर्निंग एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएँ विकसित हुई हैं तथा कोरिया नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के साथ दीर्घकालिक सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय का यह विजिटिंग प्रोफेसर फेलोशिप कार्यक्रम विश्वविद्यालय को वैश्विक शैक्षणिक मंच पर स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल भविष्य में संयुक्त शोध, नवाचार आधारित शिक्षण मॉडल तथा अंतरराष्ट्रीय सहयोग को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *